पूर्वी दिल्ली के थाना पांडव नगर इलाके में 27 वर्षीय युवक के ऊपर चाकुओं से किया गया था जानलेवा हमला। होश में आते ही युवक ने किया चौका देने वाला खुलासा।

पूर्वी दिल्ली: एक पीड़ित और उसके परिजनों ने हमारे चैनल के माध्यम से, दिल्ली पुलिस के तमाम आला अधिकारियों से, और दिल्ली पुलिस के कमिश्नर महोदय से गुहार लगाई है कि, कृपया इस वीडियो में मेरी आवाज को ध्यान से सुनिए। इस वक्त यह व्यक्ति, पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में, जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। साथ ही हिम्मत करके, यह चार आरोपियों के नाम बता रहा है, जिन्होंने इसकी जान लेने की कोशिश की है। उसने स्पष्ट शब्दों में बताया कि, मेरे ऊपर चाकू से हमला करने वाले अमन, राजू, गंजू, और शिवम नाम के, चार लड़के हैं। जिनको पुलिस ने गिरफ्तार करने की बजाय खुला छोड़ रखा है। पीड़ित युवक का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिक बच्चों को गिरफ्तार किया है, जिनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही पीड़ित युवक और उसके परिजनों का आरोप है कि, आरोपियों का पुलिस की मिली भगत से, नशे का काला कारोबार चलता है, जिसके चलते, उनकी पुलिस से अच्छी सांठ-गांठ है। इसी कारण पुलिस को मोटी रकम पहुंचाई गई, और इस मामले में नाबालिक बच्चों को, जानबूझकर सामने लाया गया। जिनको पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी बताकर सलाखों के पीछे भेज दिया है। नाबालिकों की ऐसे मामलों में आसानी से जमानत हो जाती है। ‌ कई मामलों में पाया गया है कि शातिर अपराधी ऐसे नाबालिकों का गैर कानूनी कामों में उनको हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं। जबकि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की मदद से खुला घूम रहे हैं।


पूर्वी दिल्ली के थाना पांडव नगर क्षेत्र में लगातार दूसरी बड़ी वारदात को दिया गया अंजाम।


प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को थाना पांडव नगर क्षेत्र के मयूर विहार फेस 1 में सुप्रीम एनक्लेव के ठीक सामने एक युवक को गोली मार दी गई थी। जिसमें अभी आरोपियों की सर गर्मी से तलाश जारी थी इसी दौरान 28 जनवरी की रात को समय लगभग 11:30 27 वर्षीय अनुज नामक युवक के ऊपर चाकू से कई वार किए गए। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई उसे तुरंत नजदीकी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है फिलहाल उसका इलाज जारी है। इन घटनाओं को देखते हुए लगता है कि राजधानी दिल्ली में अपराधियों के हौसले काफी बुलंद दिखाई पड़ रहे हैं। अपराधियों में पुलिस का और कानून का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में अभी तक दो नाबालिक युवकों को गिरफ्तार किया है। जिनका इस मामले से कोई संबंध ही नहीं था। घायल युवक ने चार आरोपियों के नाम मीडिया के सामने बताए हैं। पीड़ित का कहना है कि अमन, गंजू, राजू और शिवम ने मिलकर मेरे ऊपर चाकू से जानलेवा हमला किया था। जो कि इस समय खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों का अवैध रूप से नशा बेचने का कारोबार है। जो कि पुलिस की मिली भगत से थाना पांडव नगर इलाके में लंबे समय से फलफूल रहा है। आरोपियों के परिजनों की पुलिस से अच्छी सांठ-गांठ होने के कारण इस मामले में पुलिस ने जानबूझकर नाबालिक बच्चों को जेल भेज दिया जिससे कि आसानी से उनकी जमानत हो सके। पीड़ित ने मीडिया को बताया कि मुझे और मेरे परिवार की जान को लगातार खतरा बना हुआ है क्योंकि मुख्य आरोपी पुलिस की मदद से खुला घूम रहे हैं। उसने मीडिया और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है, पीड़ित परिजनों का कहना है 27 वर्षीय अनुज शशी गार्डन के जवाहर मोहल्ले में अपने मामा मामी के साथ पिछले 2 सालों से रह रहा था और वह पेशे से कैब चालक है। 28 जनवरी की रात को समय लगभग 11:30 वह अपने घर से दूध लेने के लिए निकला तभी रास्ते में एक घर के बाहर कुछ लोग जन्मदिन मना रहे थे। जैकी शराब के नशे में थे, उन्हीं लोगों से अनुज की कुछ कहा सुनी हो गई। जिसके चलते चार युवकों (अमन, राजू, गंजू और शिवम) ने मिलकर 27 वर्षीय अनुज के ऊपर चाकू से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे तुरंत लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस का दावा है अनुज के मामा ने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया उनका कहना है कैमरे के सामने आने से अपराधियों को मेरी पहचान हो सकती है। जिसके बाद मेरी भी जान को खतरा हो सकता है। अनुज के मामा की इन बातों को देख कर लगता है कि अपराधियों का खौफ राजधानी दिल्ली में किस कदर कायम हो रहा है।‌ अपराधियों का खौफ इतना बढ़ चुका है। जोकि पीड़ित व्यक्ति भी उनके खिलाफ बोलने से डर रहा है। इसी बात के चलते अपराधियों को आसानी से जमानत मिल जाती है। उनके खिलाफ कोई भी गवाही देने की हिम्मत नहीं कर पाता।

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