जयपुर: राजस्थान सरकार ने होटल और लॉजिंग में हो रही लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए नया आदेश जारी किया है। अब अगर कोई 18 साल से कम उम्र का लड़का या लड़की किसी होटल या आश्रम में ठहरता है, तो उसकी जानकारी उसके माता-पिता या अभिभावक तक पहुंचाना अनिवार्य होगा। साथ ही ठहरने वाले का पहचान पत्र और सक्रिय मोबाइल नंबर होटल रजिस्टर में दर्ज करना जरूरी होगा।यह अहम आदेश गृह विभाग के सचिव रवि शर्मा द्वारा राज्यभर के सभी होटलों, गेस्ट हाउसों और आश्रमों को जारी किया गया है। इसका मकसद नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राज्य में बच्चों से जुड़े अपराधों को रोकना है।

🚨 सख्त नियम, सख्त कार्रवाई –
अब कोई बहाना नहीं चलेगा!अधिकारियों का कहना है कि कई बार बिना किसी जांच-पड़ताल के नाबालिगों को रूम दे दिया जाता है, जिसका गलत फायदा अपराधी तत्व उठाते हैं। इसीलिए अब हर होटल, लॉज और धर्मशाला को अनिवार्य रूप से:नाबालिग ठहरने वालों की सूचना उनके परिजनों को देनी होगी।पहचान पत्र की फोटोकॉपी और मोबाइल नंबर रजिस्टर में संलग्न करना होगा।संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को देनी होगी।होटल रजिस्टर और ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को मुहैया कराने होंगे।
–-🔍 क्या बदलेगा इस नियम से?
यह कदम न सिर्फ अपराधों की रोकथाम करेगा, बल्कि मानव तस्करी, लापता बच्चों और नशे से जुड़े नेटवर्क पर भी लगाम लगाने में मदद करेगा। खासकर छोटे शहरों और कस्बों में यह आदेश अपराधियों की धरपकड़ में कारगर साबित होगा।—📢 अब हर होटल को करनी होगी सख्ती से फॉलो!जहां बड़े होटलों में कुछ हद तक यह व्यवस्था पहले से ही लागू थी, वहीं अब छोटे और मिड-लेवल होटलों को भी इस आदेश का पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
