“सांसद के गले से चेन झपट ली गई… और दिल्ली पुलिस बस ‘शिकायत लिखवाने’ की सलाह देती रही!”

📍 दिल्ली की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इस बार खुद संसद सदस्य बनीं शिकार!
🗓️ तारीख – 4 अगस्त 2025
🕕 समय – सुबह 6:15 से 6:20 के बीच
📍 स्थान – पोलैंड एम्बेसी, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली


नई दिल्ली से बड़ी खबर!
तमिलनाडु की लोकसभा सांसद एडवोकेट आर. सुधा, जो संसद सत्र में हिस्सा लेने राजधानी आई थीं, आज सुबह चाणक्यपुरी के हाई-प्रोफाइल इलाके में लूट की शिकार बन गईं। यह इलाका वीआईपी और विदेशी दूतावासों से भरा पड़ा है – फिर भी दिल्ली पुलिस अपराधियों को रोकने में नाकाम रही।

क्या हुआ था?
सांसद आर. सुधा और राज्यसभा सदस्य राजती मैडम रोज़ की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। पोलैंड एम्बेसी के गेट-3 और गेट-4 के पास अचानक फुल हेलमेट पहने एक व्यक्ति स्कूटी से आया और सांसद के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गया।

👉 इस हमले में सांसद के गले पर चोटें आईं और उनका चुड़ीदार फट गया।

💬 “मैंने गिरने से खुद को संभाला और मदद के लिए चिल्लाई,” सांसद ने बताया।


पुलिस क्या कर रही थी?


कुछ देर बाद एक मोबाइल पुलिस पेट्रोलिंग वाहन को उन्होंने रोका। उम्मीद थी कि एफआईआर तुरंत लिखी जाएगी और अपराधी की तलाश शुरू होगी, लेकिन…

दिल्ली पुलिस ने कहा:
🗣️ “आप लिखित शिकायत दीजिए और संबंधित थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराइए।”

यानि एक महिला सांसद को चेन स्नैचिंग और घायल होने के बाद भी थाना-दर-थाना भटकना होगा?


🔍 गंभीर सवाल जो उठते हैं:

  1. जब विदेशी एम्बेसी वाले वीवीआईपी इलाके में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की क्या बिसात?
  2. दिल्ली पुलिस सिर्फ गश्त करती है या अपराध रोकने की भी कोई ज़िम्मेदारी है?
  3. क्या महिला सांसद की शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लिया गया?

🧨 सियासी भूचाल तय!
अब देखना यह होगा कि केंद्रीय गृह मंत्री इस पर क्या एक्शन लेते हैं। क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिरेगी या फिर यह केस भी “आदतन कार्रवाई” की भीड़ में गुम हो जाएगा?


📣 आपका क्या कहना है?
क्या दिल्ली की सड़कों पर महिलाएं और जन प्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं बचे हैं?

Leave a comment