दिल्ली में आवारा कुत्तों पर सर्जिकल स्ट्राइक! रोहिणी की मासूम की मौत के बाद सरकार का बड़ा ऐक्शन।

नई दिल्ली:राजधानी दिल्ली में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा साबित हो चुका है। रोहिणी के पूठ कलां इलाके में 6 वर्षीय छवि शर्मा की रेबीज़ से हुई दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है।

30 जून को स्कूल से लौटते समय आवारा कुत्ते के हमले का शिकार बनी छवि ने 25 जुलाई को अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार ने नगर निगम (MCD) पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा—“अगर समय पर कार्रवाई होती तो आज हमारी बेटी ज़िंदा होती।

—सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

इस घटना ने न सिर्फ़ दिल्ली सरकार, बल्कि सुप्रीम कोर्ट को भी झकझोर दिया। कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली-NCR से 8 हफ़्तों में सभी आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया और साफ कहा कि “यह पूरी समस्या अधिकारियों की नाकामी का नतीजा है।

कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ तो ज़िम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी

सरकार का स्पेशल ऑपरेशन दिल्ली सरकार और MCD ने मिलकर ऑपरेशन डॉग कैच शुरू कर दिया है। सुबह से देर रात तक टीमें सड़कों पर गश्त कर रही हैं। पहले ही दिन 350 से ज़्यादा कुत्ते पकड़े गए। हर जोन में टारगेट सेट किया गया है। कम से कम 150 से 200 कुत्ते प्रतिदिन पकड़ने का लक्ष्य रखा गया।

कहां और कैसे रखे जाएंगे ये कुत्ते?

पकड़े गए कुत्तों को किसी भी हालत में मारा नहीं जाएगा। इन्हें विशेष आश्रयों (Dog Shelters) और Animal Birth Control (ABC) Centres में ले जाया जाएगा, जहां सभी कुत्तों का होगा वैक्सीनेशन: सभी कुत्तों को रेबीज़ और अन्य बीमारियों के टीके लगाए जाएंगे।

माइक्रोचिपिंग: हर कुत्ते की पहचान के लिए माइक्रोचिप लगाई जाएगी।

बर्थ कंट्रोल ऑपरेशन: प्रजनन क्षमता रोकने के लिए सर्जरी की जाएगी।

क्वारंटीन ज़ोन: बीमार या आक्रामक कुत्तों को अलग रखा जाएगा।

लंबी अवधि की देखभाल: MCD के मौजूदा 16 डॉग शेल्टर और NGO के सहयोग से बनाए जा रहे

12 नए शेल्टर में इन्हें रखा जाएगा।

MCD के अनुसार, कई बड़े शेल्टर Ghoga Dairy, Geeta Colony, Tikri Kalan, और Dwarka Sector-28 में तैयार हो चुके हैं।

जनता की राय बंटी हुई“ये कदम ज़रूरी है, बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले। –

रोहिणी निवासी“कुत्तों को मारना नहीं चाहिए, पर उनकी संख्या नियंत्रित करना अनिवार्य है। –

लक्ष्मी नगर की एक पशु-प्रेमी—क्यों है ये ज़रूरी?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले एक साल में दिल्ली में कुत्तों के काटने के 58,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं। सिर्फ़ 2025 में अब तक 14 मौतें रेबीज़ से हो चुकी हैं।

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