फ़र्रुख़ाबाद (उत्तर प्रदेश): जिले में गंगा नदी की बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस आपदा के बीच शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला जमुना खातून (32 वर्ष) को परिजन नाव से अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन नाल से छह किलोमीटर का सफर तय करने के दौरान ही महिला की मौत हो गई।
नाव पर शुरू हुआ सफर, शहर पहुंचने से पहले मौत
मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के गंगा किनारे बसे गांव पंखियन की मईया में बाढ़ का पानी कई फीट तक भर गया है। गांव निवासी जरीफ मोहम्मद की पत्नी जमुना खातून गर्भवती थीं। शुक्रवार तड़के उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव की आशा बहू साइया ने तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी।पति और परिवार के पांच-छह लोग गर्भवती को चारपाई पर लिटाकर नाव से शहर के लिए रवाना हुए। लेकिन बाढ़ के कारण तेज बहाव और पानी से भरे रास्तों में नाव को छह किलोमीटर की यात्रा पूरी करने में करीब चार घंटे लग गए। शहर से सटे गांव धारा नगरी तक पहुंचने से पहले ही जमुना की सांसें थम गईं।
मजार पर रखा गया शव, देर रात सुपुर्द-ए-खाक
परिजन जब शहर के मोहल्ला बड़ा बंगशपुरा स्थित दूल्हा शाह की मजार तक पहुंचे, तो गांव के ही बाढ़ पीड़ितों की मदद से शव को नाव से उतारकर वहीं रख दिया गया। सूचना पाकर प्रभारी तहसीलदार सनी क्रनौजिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पति जरीफ अहमद ने बताया कि देर रात शव को गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
कमालगंज में बाढ़ ने तोड़ा हरदोई का रास्ता
उधर, फ़र्रुख़ाबाद के कमालगंज क्षेत्र में बाढ़ के पानी से हरदोई जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बह गया है। इससे जिले का संपर्क बाधित हो गया है और आवागमन प्रभावित है।
बाढ़ में डूबकर ग्रामीण की मौत
इसी बीच शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव वाजिदपुर में एक और हादसा हुआ। गांव निवासी राजवीर (55 वर्ष) शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जानवर चराने गए थे। तभी वे अचानक बाढ़ के गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गंगा और रामगंगा का जलस्तर
जिले में गंगा का जलस्तर तीसरे दिन भी स्थिर बना हुआ है।वहीं, रामगंगा नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीण अब भी इटावा-बरेली हाईवे पर अस्थायी तौर पर डेरा जमाए हुए हैं।