पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर डेयरी फार्म में डेयरी मालिक आनंद की उनके ही नौकर संजय ने हथौड़ी से मार मार कर निर्मम हत्या कर दी। थाना गाजीपुर पुलिस ने बिहार के आरा जिले से आरोपी युवक को किया गिरफ्तार।

पूर्वी दिल्ली के थाना गाजीपुर क्षेत्र के गाजीपुर डेयरी फार्म में डेयरी मालिक आनंद की उनके ही नौकर संजय ने हथोड़ी मार मारकर उनकी हत्या कर दी।
घटना 8 अक्टूबर 2022 की रात को समय लगभग 10:30 बजे की है। सूत्रों के हवाले से मिली सूचना के अनुसार 24 वर्षीयआनंद नाम के युवक की गाजीपुर डेयरी फार्म में भैंसों की अपनी डेरी है। आनंद की डेरी पर पिछले लगभग 1 महीने से संजय नाम का युवक नौकरी कर रहा था। संजय बिहार के आरा जिले का रहने वाला था। वह गांजे के नशे का आदी था। डेयरी मालिक आनंद ने अपने नौकर संजय को नशा करने से मना किया था। लेकिन वह नशे का आदी होने के कारण लगातार गांजा पीता रहता था जिसके चलते दिनांक 8 अक्टूबर 2022 को आनंद ने सख्ती से अपने नौकर संजय को समझाया। तथा गुस्से में एक दो थप्पड़ भी अपने नौकर को जड़ दिए। रात के समय आनंद ने अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी भी करी। जिसमें उन्होंने शराब भी पी ली थी। उसके बाद वह डेयरी में रखे सोफे पर सो रहे थे। तभी गुस्साए नौकर संजय ने मौका देखकर अपने मालिक आनंद के सर पर डेयरी में मौजूद हथौड़ी से लगातार कई वार किए। आरोपी संजय हथौड़ी से तब तक वार करता रहा जब तक कि डेयरी मालिक आनंद की मौत नहीं हो गई। उसके बाद वह डेयरी से भाग निकला। सुबह डेरी पर दूध लेने आए ग्राहकों ने आनंद को मृत पड़ा देखकर उनकी मृत्यु की जानकारी आनंद के परिजनों को दी। परिजनों ने पूर्वी दिल्ली के थाना गाजीपुर में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होते ही थाना गाजीपुर में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस हरकत में आई तथा अपनी सूझबूझ से फरार नौकर को तलाशते हुए पुलिस टीम में शामिल सब इंस्पेक्टर शिवओम, ASI मनोज तिवारी तथा कॉन्स्टेबल नितिन ने बिहार के आरा जिले में स्थित उसके घर से उसको धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में पता चला कि आरोपी संजय ने अपने मुंह पर पड़े तमाचे का बदला लेने के लिए अपने मालिक आनंद की हथौड़ी से वार कर निर्मम हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। लेकिन परिजनों का कहना है कि इस हत्याकांड में आरोपी संजय के अलावा कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पीड़ित परिजनों की मांग है कि आरोपी संजय के रिश्तेदार उमेश का भी इस हत्याकांड में हाथ हो सकता है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई चल रही है।

आखिर मिल ही गया कैंसर की बीमारी का सफल इलाज। वैज्ञानिकों ने किया बेहद चौंका देने वाला खुलासा।

बहुत ही आसानी से हो सकेगा कैंसर का इलाज।

वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला कैंसर का* सबसे सस्ता इलाज, 2 रुपए की ये चीज जड़ से खत्म कर देगी कैंसर

”खानें वाला सोडा ….”

New Delhi : कैंसर के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। दुनियाभर के वैज्ञानिक जिस बीमारी के लिए सालों से इलाज ढूंढ रहे थे उसका आखिरकार तोड़ मिल चुका है।

अब तक दुनिया भर में कैंसर के इलाज के लिए अरबों रुपए पानी की तरह बहा दिए गए हैं, लेकिन कोई भी दवा पूरी तरह से कैंसर को जड़ से खत्म करने में नाकाम साबित हुई है। अब तक बाजार में जो दवाएं मौजूद हैं, वो सिर्फ कैंसर को बढ़ने से रोक देती हैं।

अमेरिका के लडविंग इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च में अमेरिकी वैज्ञानिकों के दल ने हाल ही में कुछ नए शोध किए। इस टीम की अगुवाई मशहूर कैंसर वैज्ञानिक और जॉन हॉप्किंग यूनिवर्सिटी के ऑनकोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) डॉ. ची वान डैंग ने की। उन्होंने कहा कि हम सालों तक रिसर्च कर चुके हैं और अब तक कैंसर के जो भी इलाज मौजूद हैं वो काफी महंगे हैं। हमने जो शोध किया उसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। आपके किचन में रखा बेकिंग सोड़ा कैंसर के लिए रामबाण औषधि है।

डॉ. डैंग के मुताबिक, हमने बेकिंग सोडा पर लंबी रिसर्च की और जो परिणाम हमने अब तक सिर्फ सुने थे वो प्रमाणित हो गए। उन्होंने बताया कि यदि कैंसर का मरीज बेकिंग सोडा पानी के साथ मिलाकर पी ले तो कुछ ही दिनों में इसका असर दिखने लगेगा। उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी और महंगी दवाओं से भी तेजी से बेकिंग सोडा ट्यूमर सेल्स को न सिर्फ बढ़ने से रोकता है, बल्कि उसे खत्म भी कर देता है।

डॉ. डैंग ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि हमारे शरीर में हर सेकेंड लाखों सेल्स खत्म होते हैं और नए सेल्स उनकी जगह ले लेते हैं। लेकिन कई बार नए सेल्स के अंदर खून का संचार रुक जाता है और ऐसे ही सेल्स एकसाथ इकट्ठा हो जाते हैं, जो धीरे-धीरे बढ़ता है। इसी को ट्यूमर कहा जाता है। उन्होंने बताया कि हमने ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर के ट्यूमर सेल्स पर बेकिंग सोडा के प्रभाव की जांच की और हमने पाया कि बेकिंग सोडा वाला पानी पीने के बाद जिस तेजी से ट्यूमर सेल्स बढ़ रहे तो वो काफी हद तक रुक गए।

उन्होंने बताया, ट्यूमर सेल्स में आक्सिजन पूरी तरह खत्म हो जाती है, तो उसे मेडिकल भाषा में हिपोक्सिया कहते हैं। हिपोक्सिया की वजह से तेजी से उस हिस्से का पीएच लेवल गिरने लगता है और ट्यूमर के ये सेल एसिड बनाने लगते हैं। इस एसिड की वजह से पूरे शरीर में भयंकर दर्द शुरू हो जाता है। अगर इन सेल्स का तुरंत इलाज न किया जाए तो ये कैंसर सेल्स में तब्दील हो जाते हैं। डॉ. डैंग के मुताबिक, बेकिंग सोडा मिला पानी पीने से शरीर का पीएच लेवल भी मेंटेन रहता है और एसिड वाली समस्या न के बराबर होती है। डॉ. डैंग ने बताया कि कई बार कीमोथेरेपी के बावजूद भी ऐसे कैंसर सेल्स शरीर में रह जाते हैं, जो बाद में दोबारा से शरीर में कैंसर सेल्स बनाने लगते हैं। इन्हें T सेल्स कहते हैं। इन टी सेल्स को नाकाम सिर्फ बेकिंग सोडा से ही किया जा सकता है।

डॉ. वॉन डैंग ने कहा कि पहले भी ये बात आप सुन चुके होंगे कि बेकिंग सोडा कैंसर समेत कई बीमारियों का इलाज है। लेकिन अब हम प्रमाणिक तौर पर कह सकते हैं कि कैंसर का सबसे सस्ता और अच्छा इलाज बेकिंग सोडा से मिला पानी है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों पर हमने प्रयोग किए उन्हें दो हफ्तों पर पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर दिया और सिर्फ 2 हफ्ते में उन लोगों के ट्यूमर सेल्स लगभग खत्म हो गई !

TATA मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ. राजेन्द्र ए. बडवे ने जोर देकर कहा कि यदि हर कोई इस समाचार को प्रसारित करता है, तो निश्चित रूप से समाज की बड़ी सेवा होगी।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के अपराध मुक्त प्रदेश जैसे दावों पर सवाल खड़े करते आरोपी

क्या इनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए? सबसे बड़ा सवाल।

गुमशुदा लड़कियों की तलाश करने की बजाय पूर्वी दिल्ली के थाना मयूर विहार में तैनात एएसआई दिनेश ने की अभद्र टिप्पणी। पीड़ित परिजनों का आरोप।

पूर्वी दिल्ली के थाना मयूर विहार क्षेत्र त्रिलोकपुरी 32 ब्लॉक से 26 सितंबर 2022 से लापता दो लड़कियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा। पीड़ित परिवार का कहना है कि हमने अपने तौर पर सब जगह तलाश कर लिया। लेकिन दोनों लड़कियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पूर्वी दिल्ली के थाना मयूर विहार में तैनात जांच अधिकारी A.S.I दिनेश ने कार्रवाई करने से मना कर दिया। साथ ही लड़कियों के चरित्र पर भी सवाल उठाने लगा। एएसआई दिनेश ने लड़कियों की गुमशुदगी को लेकर अभद्र टिप्पणी की उसने गुमशुदा लड़कियों की मां से कहा कि तेरी दोनों लड़कियां अपने किसी यार के साथ भाग गई होंगी। पुलिस क्या तेरी लड़कियों की तलाश करने के लिए बैठी है। यह मेरा काम नहीं है तेरे लड़कियों को ढूंढना। पीड़ित परिवार ने इस मामले में थाना मयूर विहार में तैनात A.S.I दिनेश के खिलाफ पुलिस के आला अधिकारियों के पास शिकायत भेजी है। पीड़ित परिवार का कहना है कि A.S.I दिनेश कौन होते हैं। लड़कियों के बारे में अभद्र टिप्पणी करने वाले तथा लड़कियों के चरित्र पर सवाल उठाने वाले। यदि वह आश्वासन नहीं दे सकते तो बिना सोचे समझे किसी भी महिला या लड़की के बारे में अपशब्द नहीं बोलना चाहिए उन्हें सबक मिलना चाहिए। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।